जिन्दगी को समझ सके तो कुछ बात हो ,
जिन्दगी तो हर कोई जी लेता है ,
इसे समझ पायें तो कुछ बात हो ,
रिश्ते बनाना आसान है ,
इसकी कीमत जान सके तो कुछ बात हो ,
हर पल मरती इस जिंदगी के ,
पल-पल को जी सके,तो कुछ बात हो,
बनते है अपने कई,बनकर बिछड़ भी जाते है,
उनके साथ बिताये हर पल संभाल सके,
तो कुछ बात हो,
हर धड़कन हर सांस में छुपी है,
जिंदगी की असल सच्चाई,
उसकी इस सच्चाई को जान सके,
तो कुछ बात हो,
जिंदगी की इस कश्मकश में,
खुद को जान सके,तो कुछ बात हो,
हर जर्रा हर दृश्य समेटे है खूबसूरती,
हर कही सुन्दरता देख सके, तो कुछ बात हो,
जिंदगी एक सफ़र है, दुःख-सुख इसके मोड़,
हर मोड़ पे खुद को संभाल सके,
तो कुछ बात हो............
-----संजय जाटव---
जिन्दगी तो हर कोई जी लेता है ,
इसे समझ पायें तो कुछ बात हो ,
रिश्ते बनाना आसान है ,
इसकी कीमत जान सके तो कुछ बात हो ,
हर पल मरती इस जिंदगी के ,
पल-पल को जी सके,तो कुछ बात हो,
बनते है अपने कई,बनकर बिछड़ भी जाते है,
उनके साथ बिताये हर पल संभाल सके,
तो कुछ बात हो,
हर धड़कन हर सांस में छुपी है,
जिंदगी की असल सच्चाई,
उसकी इस सच्चाई को जान सके,
तो कुछ बात हो,
जिंदगी की इस कश्मकश में,
खुद को जान सके,तो कुछ बात हो,
हर जर्रा हर दृश्य समेटे है खूबसूरती,
हर कही सुन्दरता देख सके, तो कुछ बात हो,
जिंदगी एक सफ़र है, दुःख-सुख इसके मोड़,
हर मोड़ पे खुद को संभाल सके,
तो कुछ बात हो............
-----संजय जाटव---
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