जिन्दगी एक सफ़र है
खुद को जानने का,
जिन्दगी एक सफ़र है
खुद को पहचानने का,
जिन्दगी ओ दरिया है
जो हर दम बहता है,
जिन्दगी ओ अतीत है
जो हर यादो में रहता है,
जिन्दगी एक मसाल है
कायम होने को,
जिन्दगी एक लडाई है
खुदको जीत जाने ,को ,
जिन्दगी एक सच्चाई है
मान जाने को,
जिन्दगी एक उपहार है
खुद को पहचान जाने को,
जिन्दगी बहुत कुछ है
नहीं है यह सब कुछ बनाने को,
जिन्दगी बचपन में हंसी दे जाती है
जवानी में यादे दे जाती है,
बुड़ापे में वापस आकर
सारी खुशिया ले जाती है,
जिन्दगी जीने का मजा आज में है
कल का इसका कोई भरोसा नहीं ,
जिन्दगी ,जिन्दगी है
इसकी न कोई परिभाषा है न कोई निश्चितता,
"जिन्दगी के आज को सवारने में ही
जिन्दगी के कल का मजा है "
जिन्दगी का यह खेल है मित्रो ,की हर दम यह मुझे लिखने पर मजबूर कर देती है ...........................संजय जाटव
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