शुक्रवार, 30 नवंबर 2012

"मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान"

मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान ,
मध्यप्रदेश का गौरव ,भोपाल की शान ,
चाचा नेहरु व मौलाना आजाद की स्मृति का निशान ,
बने जहाँ अभियंता कई ,पल रहे जहाँ कई अरमान ,
राजधानी की हरियाली में बसा एक नया जहान,
हमारा प्यारा मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान ,
आता है हर कोई यहाँ ,सावन की बहार में ,
वर्षा की बूंदों और ठंडी सी हिसार में ,
नए सपने ,नए दोस्त ,एक फिर नया जहान,
हर कोई करता है शुरू जहाँ फिर एक नई उड़ान ,
यही है हमारा .....
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान
समेटे है जो पूर्व अभियंताओ की यादो के निशान ,
भारतवर्ष के कोने -कोने से समेटे जिसने अरमान ,
हर भाषा ,हर तहजीब ,हर राज्य का यह इमान ,
हुए कई अभियंता येसे कर दिया जिनने इसका ऊँचा नाम ,
बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के खोले जिसने आगमन के द्वार ,
राष्ट्र निर्माण में दे रहा जो अहम योगदान ,
हमारा प्यारा मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान,
यह सिर्फ संस्थान नहीं ,घरोंदा है यादो का किसी के लिए ,
यह सिर्फ कोलेज नहीं ,यादो को समेटेगा हम सब के लिए ............
बरगद का वह पेड़ ,कहाँ भूल पाएंगे ,
टपरे की वह कोफी और टी. ओ. की आई.मस्ती ,
प्रथम वर्ष में वो सेक में पकड़ कर लाया जाना ,
बिन कारण ही वो जी.टी. का लगा देना ,
इसी बीच वो लेक-व्यू का वो नजारा,
मंद-मंद समीर में तालाब का किनारा ,
हरी भरी घाटी और पुरातनी वो यादे ,
मातामंदिर का यह चौराहा और डी.बी में .मस्ती ,
हर एक मेनिटियन का कुछ यही है नाताबाना ,
जिसे समेटे रखेगा हमारा प्यारा ,
मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रोधोगिकी संस्थान.......
एक मेनिटियन की कलम से -------संजय जाटव-----

2 टिप्‍पणियां:

Ankur Jain ने कहा…

भोपाल शहर में अभियांत्रिकी शिक्षा की प्रमुख पहचान है मैनिट...बेहतरीन रचना।

Sanjay Jatav ने कहा…

धन्यवाद....