शनिवार, 28 दिसंबर 2013

ओ, हिन्द-धरा तुझे नमन है,

 ओ, हिन्द-धरा तुझे नमन है,
 तेरे कण-कण को ह्रदय-वंदन है,
 मेरे देश कि माटी, तू मेरा अभिमान है,
 तेरी शोंधी खुशबु मेरे प्राण है, 
 हर जनम और सदी में, 
 तेरी गोद मिले ,यही अरमान है,
 मेरे देश कि माटी,तू मेरे प्राण है,
 ओ,जम्बू -धरा तेरा प्रेम मुझको, 
 युग-युग तक मिलता रहे, 
 जीवन डगर पर पग-पग पर , 
 तेरी ममता यूँ ही बनी रही, 
 ओ ,हिन्द धरा तुझे नमन है,
  तेरे कण-कण को ह्रदय-वंदन है ||
                  ------संजय जाटव----

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